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अपेक्षित परिणाम नहीँ आते जब कि हमारी सोच भी सही है और नियत भी।
सोच + समय का जब समागम होता है =समयानकूल परिणाम मिलता है अब वह परिणाम आपके अनुकूल है या नही यह भी आपकी सोच पर निर्भर करता है।जो बात आपके अनुकूल नही है कोई जरूरी नही की वह दूसरे को भी प्रतिकूल होगी।
मेरे विचार से हर एक का समय अलग अलग होता है।

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