दुर्योधन की पत्नी का नाम था भानुमति। भानुमति और दुर्योधन की दो संताने थी -एक बेटा लक्ष्मण और बेटी लक्ष्मणा। राजकुमारी भानुमति के लिए जब उनके पिता ने स्वयंवर रचाया, तब दुर्योधन के अलावा और भी कई बड़े योद्धा जैसे जरासंध, शिशुपाल आदि भी उसमें शामिल हुए। स्वयंवर का नियम था कि हर प्रतिभागी खड़ा होकर अपना नाम और अपने वंश के बारे में बताएगा। भानुमति स्वयंवर के लिए सुंदर वस्त्र आभूषण पहन कर अपनी दासी के साथ स्वयंवर में आई। दुर्योधन को पहली नजर में भानुमति भा गई और उसने भानुमति को अपनी पत्नी बनाने का निश्चय कर लिया। भानुमति ने हर प्रतिभागी का नाम और वंश ध्यान से सुना, लेकिन दुर्योधन को नजरअंदाज कर आगे बढ़ गई। दुर्योधन को यह बात बिल्कुल पसंद नहीं आई, उसने कर्ण के साथ मिलकर भानुमती का अपहरण कर लिया और आखिरकार भानुमति ने दुर्योधन को अपना पति स्वीकार कर लिया दुर्योधन का यही सोच और हिम्मत उसे भविष्य मे और बुरे कारनामे करने मे मदद देते चले गये। परिणाम आप सब जनते है।