मन हमेशा परेशान रहता है यह बहुत ही स्वाभाविक सी बात है। मन की इच्छाएं अनंत है और इन्हीं इच्छाओं की पूर्ति के लिए मन बेचैन रहता है जिसके कारण मन में परेशानी बनी रहती है। अगर मन को परेशान होने से बचाना है तो अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण पाना होगा। जब इच्छाएं नियंत्रित हो जाएंगी तब मन अपने आप ही शांत हो जाएगा।
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यह केवल सुनने में अच्छा लगता है वास्तविक तौर पर मन को शांत रखना बहुत ही मुश्किल है। मनुष्य की प्रकृति होती है कि निरंतर वह नई चीजों को पाने की लालसा रखता है और उसके पीछे लगातार भागते रहता है, इसी भागमभाग के बीच उलझकर मन में हमेशा परेशानी बनी रहती है।
आखिर मन पर नियन्त्रण पाया कैसे जाय यह भी हमारी सोच पर निर्भर करता है कि हमे मन पर नियंत्रण पाना है या नही ।
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